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हाइलाइट्स
कार्तिक अमावस्या तिथि 12 नवंबर दिन रविवार को दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से प्रारंभ होने वाली है.
सोमवती अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त से स्नान-दान कर सकते हैं. उस दिन प्रात: से सौभाग्य योग बना हुआ है.
दिन में 11:00 बजे से दोपहर 02:30 बजे तक पितृ दोष उपाय कर सकते हैं.
साल 2023 की अंतिम सोमवती अमावस्या कार्तिक अमावस्या के दिन है. उस दिन स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. शिव और माता पार्वती की पूजा करने से अखंड सौभाग्य मिलता है. सोमवती अमावस्या के दिन पितृ दोष से मुक्ति के भी उपाय किए जाते हैं. कार्तिक आमवस्या को दिवाली अमावस्या भी कहते हैं क्योंकि कार्तिक अमावस्या को प्रदोष काल में दिवाली मनाते हैं. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट बताते हैं कि किसी भी माह की जो अमावस्या सोमवार के दिन होती है, उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं. इस बार सोमवती अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि समेत 3 शुभ योग बन रहे हैं. आइए जानते हैं कि सोमवती अमावस्या कब है? सोमवती अमावस्या पर स्नान दान का मुहूर्त क्या है? सोमवती अमावस्या पर पितृ दोष उपाय का समय क्या है? सोमवती अमावस्या का महत्व क्या है?
साल 2023 की अंतिम सोमवती अमावस्या कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल की अंतिम सोमवती अमावस्या कार्तिक अमावस्या के दिन पड़ रही है. कार्तिक अमावस्या तिथि 12 नवंबर दिन रविवार को दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से प्रारंभ होने वाली है और यह तिथि 23 नवंबर सोमवार को दोहर 02 बजकर 56 मिनट तक मान्य रहेगी. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर साल की अंतिम सोमवती अमावस्या 13 नवंबर को है.
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सोमवती अमावस्या 2023 पर स्नान-दान का समय क्या है?
13 नवंबर को सोमवती अमावस्या के दिन आप ब्रह्म मुहूर्त से स्नान और दान कर सकते हैं. उस दिन प्रात:काल से सौभाग्य योग बना हुआ है. उस दिन प्रात: 05:56 बजे से लेकर सुबह 05:49 बजे तक है. सोमवती अमावस्या पर पूरे दिन स्नान और दान का कार्यक्रम चलता है.
3 शुभ योग में है सोमवती अमावस्या 2023
सोमवती अमावस्या पर 3 शुभ योग सौभाग्य, शोभन और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं. सौभाग्य योग प्रात:काल से लेकर दोपतर 03 बजकर 23 मिनट तक है. उसके बाद से शोभन योग प्रारंभ हो जाएगा, जो पूरी रात तक है. सोमवती अमावस्या तिथि में सर्वार्थ सिद्धि योग 14 नवंबर को 03:23 एएम से सुबह 06:43 बजे तक है.
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सोमवती अमावस्या 2023 पितृ दोष उपाय का समय
सोमवती अमावस्या के दिन आप दिन में 11:00 बजे से दोपहर 02:30 बजे तक पितृ दोष उपाय कर सकते हैं. उस दिन आप स्नान के बाद पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान, अन्न दान, ब्राह्मण भोज, पंचबलि कर्म आदि कर सकते हैं. इससे पितर प्रसन्न होते हैं. इसके अलावा आप पितृ दोष मुक्ति के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध कर सकते हैं.
सोमवती अमावस्या का महत्व
सोमवती अमावस्या का दिन स्नान-दान के अलावा भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए भी है. उस दिन सुहागन महिलाएं व्रत रखकर शिव और गौरी की पूजा करती हैं. उनके आशीर्वाद से पति को लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है. इसके अलावा सोमवती अमावस्या पर आप अपने नाराज पितरों को प्रसन्न कर सकते हैं.
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Tags: Astrology, Dharma Aastha
FIRST PUBLISHED : November 3, 2023, 10:07 IST
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