एक्सीओम-4 (Axiom-4) मिशन की सफल लॉन्चिंग, अंतरिक्ष पहुंचकर एस्ट्रोनॉट शुभांशु बोले- व्हाट ए राइड

एक्सिओम-4 मिशन अंतरिक्ष की ओर रवाना हो चुका है। यह भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 12:00 बजे फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया। स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से जुड़े ड्रैगन कैप्सूल में सभी एस्ट्रोनॉट ने उड़ान भरी। ये स्पेसक्राफ्ट करीब 28.5 घंटे के बाद 26 जून को शाम 04:30 बजे इंटरनेशनल स्पेश स्टेशन से जुड़ेगा। अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद शुभांशु ने कहा- व्हाट ए राइड। मेरे कंधे पर लगा तिरंगा बताता है कि मैं आप सभी के साथ हूं।

फ्लाेरिडा के स्पेस स्टेशन में लांच के तैयार एक्सीओम-4 मिशन। सोशल मीडिया

एक्सिओम-4 मिशन अंतरिक्ष की ओर रवाना हो चुका है। यह भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 12:00 बजे फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया। स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से जुड़े ड्रैगन कैप्सूल में सभी एस्ट्रोनॉट ने उड़ान भरी। ये स्पेसक्राफ्ट करीब 28.5 घंटे के बाद 26 जून को शाम 04:30 बजे इंटरनेशनल स्पेश स्टेशन से जुड़ेगा। अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद शुभांशु ने कहा- व्हाट ए राइड। मेरे कंधे पर लगा तिरंगा बताता है कि मैं आप सभी के साथ हूं।

इस मिशन में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं। 1984 में राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं। यह एक निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन है जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए है। इस मिशन में भारत, पोलैंड और हंगरी सहित कई देशों के अंतरिक्ष यात्री मिलकर आईएसएस पर लगभग 60 वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे।

मिशन पर जाने से पहले साथियों के साथ बाएं से दूसरे शुभांशु शुक्ला। साभार सोशल मीडिया

पहला एबॉर्ट मोड सफलतापूर्वक पूरा

पहला एबॉर्ट मोड सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, चालक दल अब एबॉर्ट मोड 2 अल्फा में दाखिल हो चुका है। ये उड़ान के इस चरण के लिए एक मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल है। सभी सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। मिशन कक्षा की ओर अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है।

शुभांशु शुक्ला के माता-पिता हुए भावुक

लॉन्चिंग सफल होने पर शुभांशु के माता-पिता आशा शुक्ला और शंभु दयाल शुक्ला भावुक हो गए। उन्होंने बेटे की सफलता पर ताली बजाकर खुशी जताई। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की बहन निधि मिश्रा ने कहा, “यह न केवल मेरे लिए बल्कि भारत में सभी के लिए गर्व का क्षण है। मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती; मैं बस इतना कहना चाहूंगी कि ‘शुभांशु, आपका मिशन सफल हो और आप सुरक्षित हमारे पास वापस आएं।” मेरा भाई कहता है – मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। इस दुनिया में आपको कुछ भी आसानी से नहीं मिलता। आज हम जो कुछ भी देख रहे हैं, उसके पीछे बहुत मेहनत है। मैं अभी अपने भाई के लिए थोड़ी भावुक हूं।

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला।

कौन हैं इस मिशन के यात्री

इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री हिस्सा ले रहे हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला इस मिशन के पायलट होंगे। मिशन की कमान पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री और एक्सिओम स्पेस की मानव अंतरिक्ष उड़ान निदेशक पैगी व्हिटसन संभालेंगी। इसके अलावा, यूरोपियन स्पेस एजेंसी के प्रोजेक्ट अंतरिक्ष यात्री स्लावोश उजनांस्की-विस्निएव्स्की (पोलैंड) और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री टिबोर कपु मिशन विशेषज्ञ के तौर पर शामिल होंगे। ये चारों अंतरिक्ष यात्री मिलकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर कई वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे।

एक्सिओम मिशन 4 क्या है?

मिशन एक निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन है जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए है। इस मिशन का मकसद 31 देशों की ओर से लगभग 60 वैज्ञानिक अध्ययन और गतिविधियों को डायरेक्ट करना है। ये देश हैं भारत, अमेरिका, पोलैंड, हंगरी, सऊदी अरब, ब्राजील, नाइजीरिया, संयुक्त अरब अमीरात, और यूरोप। एक्सिओम के अनुसार, यह मिशन इन देशों का इतिहास में दूसरा मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन होगा, लेकिन यह पहली बार होगा जब ये तीनों देश ISS पर एक साथ मिशन को पूरा करेंगे।

छह बार टल चुका था मिशन

भारतीय गगनयात्री शुभांशु शुक्ला एक्सियम मिशन 4 के तहत 25 जून को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुए। उनका ये मिशन पहले 6 बार तकनीकी दिक्कतों के कारण टल चुका था। उनके साथ तीन अन्य एस्ट्रोनॉट भी स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुए।