चार जगह बादल फटने से थर्राया हिमाचल, धर्मशाला में 15-20 लोग बहे, दो की मौत, कुल्लू में 3 लापता, भारी तबाही

हिमाचल प्रदेश बुधवार को मानसून की शुरुआत में तेज बारिश होने से तबाही देखने को मिली है। धर्मशाला के पास एक जल विद्युत परियोजना में अचानक आई बाढ़ में 15 से 20 मजदूर बह गए। उनमें से दो के शव बरामद हुए हैं। वहीं कुल्लू में बादल फटने से तीन लोग लापता हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई है।

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, कुल्लू समेत चार जगह बादल फटे से मची तबाही। साभार सोशल मीडिया

हिमाचल प्रदेश बुधवार को मानसून की शुरुआत में तेज बारिश होने से तबाही देखने को मिली है। धर्मशाला के पास एक जल विद्युत परियोजना में अचानक आई बाढ़ में 15 से 20 मजदूर बह गए। उनमें से दो के शव बरामद हुए हैं। वहीं कुल्लू में बादल फटने से तीन लोग लापता हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई है।

कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में जनजीवन अस्त व्यस्त

कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में भारी बारिश और बादल फटने से जनजीवन अस्त व्यस्त है। कुल्लू के बाद अब कांगड़ा में एक हाईड्रो प्रोजेक्ट के पास खड्ड में फ्लैश फ्लड आने से 15 से 20 मजदूर बह गए। दो मजदूरों के शव बरामद हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, ये सभी मजदूर खड्ड के किनारे बने अस्थाई शेड में रह रहे थे। एक मजदूर ने बताया कि अचानक बाढ़ आने से यह हादसा हो गया। उन्होंने कहा कि वो प्रोजेक्ट में बैल्डर का काम करते हैं। वहीं राज्य में मौसम खराब होने की वजह से दिल्ली और शिमला के लिए दो उड़ानें रद्द कर दी गई।

धर्मशाला में कई जगह तबाही, दो की मौत

धर्मशाला के लूंगटा पावर प्रोजेक्ट् के पास अचानक आई बाढ़ में दो लोगों की मौत हो गई है। एक व्यक्ति की लाश तैरती हुई मणुणी खड्ड से बहती हुई नीचे पहुंच गई और दूसरे व्यक्ति की लाश प्रोजेक्ट के दो नंबर फेस पर मिली, राहत बचाव टीम मौके पर मौजूद हैं। पुलिस बल और एसडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची हैं। रास्ते टूटने की वजह से अब इस स्थान पर पैदल ही जाना पड़ रहा है, जिससे बचाव कार्य में भी देरी हो रही है। यह हादसा बुधवार दोपहर को हुआ, लोगों ने कहा कि अचानक पहाड़ों पर बादल फट गया जिसके बाद कुछ भी पता नहीं चला है।

पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे करीब 20 लोग बहे

धर्मशाला में इंदिरा प्रियदर्शनी हाइड्रल प्रोजेक्ट, सोकणी दा कोट (खनियारा) में मणुणी खड्ड में अचानक पानी का तेज बहाव आने से घटना में 15 से 20 मजदूर बह गए। एक मजदूर ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे पावर हाउस के ब्रिज नंबर एक के पास ये हादसा हुआ। मौसम साफ हो गया था, लेकिन अचानक बाढ़ आ गई। वहीं एक और मजदूर परवेज मोहम्मद ने बताया कि अचानक खड्ड में पानी बढ़ गया और शेड में रहने वाले लोग बह गए। उन्होंने बताया कि एक मजदूर की मौत हुई है, जबकि एक गाड़ी भी इस हादसे में बह गई है.

बारिश को लेकर राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी

बारिश को लेकर राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच बुधवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में मौसम की मार देखने को मिली। कुल्लू जिले में अलग-अलग चार जगहों पर बादल फटा है। सैंज के जीवानाला, गड़सा के शिलागढ़, मनाली के स्नो गैलरी और बंजार के होरनगाड़ और धर्मशाला के खनियारा की मणुणी खड्ड में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। कुल्लू में आठ गाड़ियां, 10 पुलिया और एक बिजली प्रोजेक्ट बह गया। सैंज के रैला बिहाल में बादल फटने से तीन लोगों के बहने की जानकारी है। उधर, धर्मशाला के समीप खनियारा में मणुणी खड्ड में आई बाढ़ में निर्माणाधीन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के 20 मजदूर बह गए।

राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमें

एसडीआरएफ की टीमें मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। सैंज घाटी के शैंशर, शांघड़ और सुचैहन पंचायत क्षेत्रों में 150 से अधिक पर्यटक वाहन फंस गए। इन वाहनों में करीब 2,000 से अधिक पर्यटक सवार हैं। सिउंड के पास सड़क कटने से क्षेत्र से बाहर निकलने का रास्ता नहीं है. लाहौल में करीब 25 पर्यटकों के फंसे होने की आशंका है। कुल्लू के अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार ने कहा कि एनडीआरएफ टीम मौके पर बचाव और राहत में जुटी हुई हैं। वहीं उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि बादल फटने की पुष्टि नहीं कर सकते हैं, लेकिन खड्ड में पानी अधिक है। उन्होंने कहा कि अभी तक दो शव बरामद हुए हैं। एसडीएम को मौके पर भेजा गया है।