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<p style="text-align: justify;"><strong>Britain:</strong> ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने सोमवार को अपनी कैबिनेट में बड़ा बदलाव किया. इस दौरान उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन को नया विदेश मंत्री बना कर सबको चौंका दिया. इससे पहले जेम्स क्लेवरली ब्रिटेन के विदेश मंत्री थे. जिन्हें अब सुएला ब्रेवरमैन की जगह देश का गृह मंत्री नियुक्त किया है. बता दें कि सोमवार को ही सुनक ने भारतीय मूल की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन को बर्खास्त कर दिया. </p>
<p style="text-align: justify;">डेविड कैमरन ने विदेश मंत्री के रूप में नियुक्ति के बाद अपनी पहली टिप्पणी में कहा, ‘हालांकि मैं पिछले सात वर्षों से मुख्य राजनीति से बाहर हूं, मुझे उम्मीद है कि मेरा अनुभव प्रधानमंत्री की मदद करने में मेरी सहायता करेगा.’ गौरतलब है कि कैमरन 2010 से 2016 तक प्रधानमंत्री और 2005 से 2016 तक कंजर्वेटिव पार्टी के नेता रह चुके हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चीन के साथ बिगड़े हैं रिश्ते </strong></p>
<p style="text-align: justify;">डेविड कैमरन ने अपने पीएम कार्यकाल में चीन के साथ ब्रिटेन के संबंधों के "स्वर्ण युग" की शुरुआत की. कैमरन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने संबंधों को बेहतर बनाने और ट्रेड को मजबूत करने के लिए साल 2015 में गोल्डन एरा पॉालिसी बनाई थी. जिसकी घोषणा शी जिनपिंग की ब्रिटेन विजिट से पहले ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने की थी. लेकिन आठ साल बाद सुनक ने चीन से संबंधों में बदलाव को लेकर रणनीति को बदलने की बात कही है. उन्होंने कहा कि चीन लगातार दुनिया में अपने दबदबे के लिए हर ताकत का इस्तेमाल कर रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जिनपिंग और कैमरन की बियर वाली फोटो हुई थी वायरल </strong></p>
<p style="text-align: justify;">2015 में चीनी राष्ट्रपति के ब्रिटेन दौरे पर शी जिनपिंग और डेविड कैमरन की एक फोटों भी खूब चर्चा में रही थी, जिसमें दोनों नेताओं के हाथ में बियर भरी ग्लास थी. लेकिन हाल के दिनों की बात करें तो चीन और ब्रिटेन के रिश्ते ख़राब हुए हैं. विपक्ष लगातार सुनक पर आरोप लगाता रहा है कि वो चीन को लेकर सख्त नीति नहीं अपना रहे हैं. ऐसे में एक बार फिर कैमरन पर चीन से बेहतर संबंध स्थापित करने की जिम्मेदारी होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जनमत संग्रह के बाद दिया था पीएम पद से इस्तीफा </strong></p>
<p style="text-align: justify;">गौरतलब है कि 57 वर्षीय कैमरन ने ‘ब्रेक्जिट’ (यूरोपीय संघ से अलग होने पर) जनमत संग्रह के मद्देनजर हारने के बाद 2016 में प्रधान मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि इसके बाद भी उन्होंने कहा कि उन्हें जनमत संग्रह बुलाने का उन्हें कोई अफसोस नहीं है. यह वादा उन्होंने 2015 के आम चुनाव से पहले किया था.</p>
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