

ब्रिटिश सेना की सांकेतिक तस्वीर – फोटो : social media
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फ्रांसीसी सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट को हराने के लिए ब्रिटिश सेना ने मराठा रणनीति अपनाई। यह दावा ब्रिटिश सेना के पूर्व अधिकारी ने किया है। 81 वर्षीय सेवानिवृत्त ब्रिटिश मेजर गॉर्डन कोरिगन ने 1815 में वाटरलू की निर्णायक लड़ाई पर बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि लॉर्ड आर्थर वेलेजली के नेतृत्व वाली सेनाओं ने मराठों की रणनीति अपनाकर फ्रांसीसी सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट को धूल चटाई।
रिटायर्ड ब्रिटिश मेजर गॉर्डन कोरिगन गुरुवार को महाराष्ट्र के अकोला जिले में सिरसोली गांव पहुंचे। यहां 1803 में मराठों और ब्रिटिश सेना के बीच युद्ध हुआ था। सर्वोच्च बलिदान देने वाले ब्रिटिश सैनिकों को श्रद्धांजलि देने और लड़ाई के अलग-अलग पहलुओं का अध्ययन करने अकोला के युद्धक्षेत्र पहुंचे कोरिगन ने बताया कि सिरसोली की लड़ाई को अरगांव की लड़ाई नाम से भी जाना जाता है।
उन्होंने बताया कि लगभग 220 साल पहले हुई लड़ाई का नेतृत्व कैप्टन केन ने किया। लड़ाई के दौरान लॉर्ड वेलेजली भी मौजूद रहे। ब्रिटिश सेना ने मराठों के खिलाफ सात दिनों तक लड़ाई (23 से 29 नवंबर) लड़ी। ब्रिटिश सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी गॉर्डन कोरिगन बताते हैं कि मराठा सैनिक अंग्रेजों के खिलाफ पारंपरिक हथियारों से लड़े।











