
Trump Tariff On China: डोनाल्ड ट्रंप के चीन से आयातित सॉफ्टवेयर पर 100% टैरिफ बढ़ाने की घोषणा के बाद क्रिप्टो बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। चीन से 19 अरब डॉलर से अधिक की क्रिप्टो निकासी हुई है। इस बीच पूरे दिन चर्चा रही कि चीन ने टैरिफ का बदला लेने के लिए अपनी सारी बिटकॉइन बेच दी है।
Trump Tariff On China: जब से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर “सभी महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर” के आयात पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की तब से क्रिप्टोकरेंसी बाजार चर्चा में है। आज 100 फीसदी चीन पर ट्रंप टैरिफ के बीच 19 अरब डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टो निकासी हुई है। यह अब तक का सबसे बड़ा एक दिन का एग्जिट है। जिसके बिटकॉइन में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
क्रिप्टोकरेंसी में दिखी जोरदार गिरावट
इस चौंकाने वाले कदम के बीच दिनभर चर्चा रही कि चीन ने 100 फीसदी ट्रंप टैरिफ की खुन्नस निकालने के लिए अपने देश में निवेशित सभी बिटकॉइन क्रिप्टोकरेंसी बेच दी है। चीन के पास अब एक भी बिटकॉइन नहीं है और उसने सारे बिटकॉन का सफाया कर दिया है। कॉइनग्लास के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 16 लाख से ज्यादा ट्रेडर्स ने अपनी संपत्तियां बेच दीं। शुक्रवार को एक घंटे से भी कम समय में 7 अरब डॉलर से ज्यादा की बिक्री हुई।
चीन ने डोनाल्ड ट्रंप की दुखती नस कैसे दबाई
डोनाल्ड ट्रंप फैमिली का क्रिप्टोकरंसी में बड़ा बिजनेस है। ट्रंप बिटकॉइन डिजिटल करेंसी में एक बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं, जिसकी अनुमानित कीमत 87 करोड़ डॉलर है, जो उन्हें दुनिया के सबसे बड़े बिटकॉइन निवेशकों में से एक बनाती है। इसके अलावा ट्रंप का मीम कॉइन से लेकर स्टेबलकॉइन तक में निवेश है। यदि बिटकॉन की यह बात सच होती है तो चीन से ट्रंप को बड़ा झटका लग सकता है।
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चीन में क्रिप्टोकरेंसी के व्यक्तिगत स्वामित्व पर प्रतिबंध
यह पहली बार नहीं जब चीन के बिटकॉइन बेचने की खबर आई हो। इसके पहले बाइनेंस की एक रिपोर्ट में मई, 2025 को बिटकॉइन सहित क्रिप्टोकरेंसी के व्यक्तिगत स्वामित्व पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक एक नया राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध लागू किया गया। इस नई नीति में क्रिप्टो ट्रेडिंग और माइनिंग पर पहले से लागू प्रतिबंधों का विस्तार किया गया है और अब डिजिटल संपत्तियों की व्यक्तिगत होल्डिंग को भी गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है।
यह कदम वित्तीय नियंत्रण को केंद्रीकृत करने और देश की राज्य समर्थित केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) डिजिटल युआन को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए चीनी अधिकारियों की गहरी प्रतिबद्धता का संकेत देता है। तब भी बिटकॉइन में गिरावट देखने को मिली थी।
क्रिप्टो मार्केट में गिरावट क्यों आई?
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि वे दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के निर्यात पर चीन के रुख से नाखुश हैं और उन्होंने इसे “अत्यंत आक्रामक रुख” कहा। डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, “अभी-अभी पता चला है कि चीन ने व्यापार के मामले में बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए दुनिया को एक बेहद आक्रामक पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि वे 1 नवंबर, 2025 से अपने लगभग हर उत्पाद पर, यहां तक कि उन उत्पादों पर भी जो उन्होंने बनाए ही नहीं गए हैं, बड़े पैमाने पर निर्यात नियंत्रण लागू करेंगे।
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