टाटा कंसंल्टेंसी सर्विसेस में छंटनी का भूचाल, 12000 कर्मचारी होंगे बाहर, एआई और नई टेक्नोलॉजी बनीं बड़ी वजह

एआई युग की शुरूआत के साथ जिस बात का डर था, वो सच होने लगा है। जी हाँ, नौकरी का खतरा। ताजा खबर यह है कि भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसंल्टेंसी सर्विसेस ने साल के अंत तक 12000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है। यह कदम टेक्नालॉजी में हो रहे बदलाव के कारण लिए गए हैं।

प्रतीकात्मक फोटो।

एआई युग की शुरूआत के साथ जिस बात का डर था, वो सच होने लगा है। जी हाँ, नौकरी का खतरा। ताजा खबर यह है कि भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसंल्टेंसी सर्विसेस ने साल के अंत तक 12000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है। यह कदम टेक्नालॉजी में हो रहे बदलाव के कारण लिए गए हैं।

भारत की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने कारोबारी साल 2026 में अपने ग्लोबल कर्मचारियों में 2% की कटौती का एलान कर दिया है। TCS के इस फैसले से कंपनी में काम कर रहे 12,000 कर्मचारियों की नौकरी पर असर पड़ेगा। कंपनी का यह फैसला स्किल में अंतर और ऑपरेशनल मॉडल में बदलाव के कारण उठाया जा रहा है।

कंपनी ने अपनी नीतियों में किया बदलाव

कुछ हफ्ते पहले टीसीएस ने अपनी मानव संसाधन नीति में बदलाव किया था, जिसमें कर्मचारियों को साल में 225 दिन काम करना अनिवार्य किया गया। बेंच टाइम को 35 दिनों तक सीमित किया गया। बेंच टाइम का मतलब उस अवधि से है जब कर्मचारियों को एक्टिवली क्लाइंट प्रोजेक्ट्स या अन्य बिल योग्य कामों में नहीं लगाया जाता है।

एमडी और सीईओ ने बताई छंटनी की वजह

टीसीएस के सीईओ और एमडी के. कृतिवासन ने बताया कि नई टेक्नोलॉजी, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और बदलते ऑपरेशनल मॉडल के कारण यह बदलाव जरूरी है। ग्राहक अब अधिक चुस्त और उत्पाद-केंद्रित मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं।

कृतिवासन ने कहा कि हमें भविष्य के लिए तैयार रहना होगा। इसके लिए हम नई टेक्नोलॉजी और बाजारों में निवेश कर रहे हैं। हमने अपने कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग और पुनः तैनाती कार्यक्रम शुरू किए हैं। लेकिन कुछ कर्मचारियों को फिर से तैनात करना संभव नहीं हो पा रहा है। इसलिए हमें यह कठिन फैसला लेना पड़ रहा है।

किन कर्मचारियों पर होगा असर?

कंपनी के लगभग 6 लाख कर्मचारियों में से 10,000-12,000 कर्मचारी, खासकर मध्यम और सीनियर स्तर के, प्रभावित होंगे। कुछ जूनियर कर्मचारी, जो लंबे समय तक बेंच पर हैं, भी प्रभावित हो सकते हैं।

छंटनी किए जाने वाले कर्मचारियों को क्या मिलेगा?

टीसीएस ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरे साल चलेगी और जल्दबाजी नहीं की जाएगी। जिन कर्मचारियों को टीसीएस नौकरी से निकालेगी, उन्हें नोटिस पीरियड सैलरी और एडेड सेवरैंस पैकेज के अलावा बीमा लाभ और आउटप्लेसमेंट के अवसर प्रदान किए जाने पर विचार किया जाएगा।

टीसीएस प्राइवेट सेक्टर में भारत के सबसे बड़े एम्प्लॉयर्स में से एक है और इस रीस्ट्रक्चरिंग के इसके कदम का काफी निगेटिव असर पड़ सकता है। अनुमान है कि टीसीएस के मुकाबले वाली छोटी कंपनियां भी इसी तरह का कदम उठा सकती हैं।

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यह कटौती एआई से प्रोडक्टिविटी बढ़ने के कारण नहीं

कृतिवासन ने स्पष्ट किया कि यह कटौती एआई से प्रोडक्टिविटी बढ़ने के कारण नहीं, बल्कि स्किल और तैनाती की व्यवहार्यता के मुद्दों के कारण है। टीसीएम ने 5.5 लाख कर्मचारियों को प्रारंभिक एआई स्किल कौशल और एक लाख को उन्नत कौशल में ट्रेनिंग दिया है। लेकिन कुछ सीनियर कर्मचारियों को नए स्किल में ढालना मुश्किल हो रहा है।

कृतिवासन ने कहा कि यह कटौती मांग की कमी के कारण नहीं, बल्कि भविष्य के लिए तैयार होने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी उच्च गुणवत्ता वाले प्रतिभाओं को भर्ती और ट्रेनिंग करना जारी रखेगी। कृतिवासन ने बताया कि यह कदम मार्जिन बढ़ाने के लिए नहीं उठाया गया है।

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