
gujarat ministers resign: आगामी निकाय चुनाव से पहले भाजपा आलाकमान ने गुजरात सरकार के मंत्रिमंडल में बदलाव का निर्णय लिया है। इसके चलते कैबिनेट के सभी मंत्रियों से इस्तीफा लिया है। 17 अक्टूबर को नया मंत्रिमंडल शपथ लेगा। गुजरात में भाजपा द्वारा कार्यकाल के बीच में मंत्रिमंडल बदलने का यह दूसरा मौका है।
gujarat ministers resign: भाजपा आलाकमान की ओर से दीपावली से पहले गुजरात सरकार के मंत्रिमंडल के पुनर्गठन के निर्णय के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के अलावा राज्य सरकार के सभी 16 मंत्रियों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। अब नए मंत्रिमंडल को राज्यपाल आचार्य देवव्रत शुक्रवार सुबह महात्मा मंदिर में शपथ दिलाएंगे। इस समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और महामंत्री सुनील बंसल मौजूद रहेंगे।
किसे मिल सकता है मंत्री पद?
वर्तमान परिदृश्य में गृह राज्य मंत्री रहे हर्ष संघवी और शिक्षा राज्य मंत्री रहे प्रफुल्ल पानसरिया को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिल सकता है। वित्त मंत्री रहे कनुभाई देसाई और जलसंपत्ति एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री कुंवरजी बावलिया को एक बार फिर मंत्री पद मिल सकता है, जबकि राज्य मंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी, मुकेश पटेल, बचु खाबड, भिखू परमार और कुंवरजी हलपति का पत्ता कटना तय है।
बलवंत सिंह के दोबारा मंत्री बनने पर तलवार लटकी
पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के समधी एवं उद्योग मंत्री बलवंत सिंह राजपूत के फिर से मंत्री बनने पर तलवार लटकी हुई है, लेकिन कांग्रेस से भाजपा में आए विधायक अर्जुन मोढवाडिया को मंत्री बनाने की प्रबल संभावना है। राज्य सरकार में शामिल कृषि मंत्री बचुभाई खाबड के दोनों पुत्र मनरेगा घोटाले में जेल जा चुके हैं, इसलिए उन्हें लंबे समय से मंत्रिमंडल और पार्टी के कार्यक्रमों से दूर रखा गया है।
ठाकोर समुदाय को साधने का भाजपा करेगी प्रयास
लोकसभा चुनाव में उत्तर गुजरात की बनासकांठा सीट खोने के बाद भाजपा चौकस हो गई है। उत्तर गुजरात में ठाकोर समुदाय को साधने के लिए भाजपा गांधीनगर से विधायक अल्पेश ठाकोर को मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है। उपचुनाव में विसावदर सीट पर आप के गोपाल ईटालिया की जीत से भाजपा को सौराष्ट्र में एक झटका लगा था। इससे निपटने के लिए भाजपा राजकोट के पाटीदार नेता जयेश रादडिया तथा भावनगर से पाटीदार नेता जीतू वाघाणी को मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है। यह दोनों पूर्व मंत्री हैं।

इससे पहले पार्टी महामंत्री सुनील बंसल ने गांधीनगर पहुंचकर भाजपा के प्रदेश प्रभारी रत्नाकरजी के साथ लंबी बैठक की। केंद्रीय मंत्री एवं करीब पांच वर्ष तक गुजरात भाजपा के अध्यक्ष रहे सीआर पाटिल की अगुवाई में भाजपा ने गत विधानसभा चुनाव में रिकार्ड 156 सीट पर जीत दर्ज की थीं। अब राज्य की सभी महानगर व नगर पालिकाओं में भाजपा के कब्जे को बरकरार रखना सबसे बड़ी चुनौती है।
क्रिकेटर जडेजा की पत्नी को बनाया जा सकता मंत्री
राजपूत समाज लंबे समय से भाजपा से नाराज चल रहा है। इसलिए क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी जामनगर की विधायक रीवाबा जडेजा तथा कांग्रेस से भाजपा में आकर विधायक बने सीजे चावडा को भी मंत्री बनाया जा सकता है। सौराष्ट्र के पाटीदारों को साधने के लिए पूर्व मंत्री एवं पूर्व अध्यक्ष जीतूभाई वाघाणी, पूर्व मंत्री जयेश रादडिया को लिया जा सकता है। इसके अलावा दलित चेहरे के रूप में अहमदाबाद की पूर्व उपमहापौर विधायक दर्शना बेन वाघेला को मंत्री पद सौंपा जा सकता है।
कुछ को फिर मिल सकती झंडी वाली कार
मंत्रिमंडल में शामिल रहे आठ से 10 मंत्रियों का पत्ता कट सकता है जबकि कुछ को फिर से मौका मिल सकता है। गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मुंबई का दौरा छोड़कर गांधीनगर पहुंचे, यहां उनके आवास पर सभी मंत्रियों को बुलाकर उनके इस्तीफे ले लिए गए। भाजपा के सभी विधायकों को गांधीनगर बुला लिया गया है।
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राज्य विधानसभा में 27 मंत्री हो सकते हैं
कुल 182 सदस्यों वाली राज्य विधानसभा में सदन की कुल संख्या का 15 प्रतिशत या 27 मंत्री हो सकते हैं. इस महीने की शुरुआत में गुजरात सरकार में राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा, केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल की जगह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के नए अध्यक्ष बने थे. पार्टी सूत्रों ने बताया कि भाजपा की ‘एक व्यक्ति, एक पद’ नीति के कारण विश्वकर्मा को इस बार मंत्रिपरिषद में शामिल नहीं किया जाएगा. भूपेंद्र पटेल ने 12 दिसंबर, 2022 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ ली थी.
मिशन 2027 के लिए बीजेपी की रणनीति
बीजेपी का यह कैबिनेट फेरबदल मिशन 2027 के लिहाज से अहम माना जा रहा है. पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों से पहले नए समीकरणों को परखने की भी कोशिश करेगी. यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि युवा नेता गोपाल इटालिया के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी, भाजपा के पाटीदार गढ़ में अपनी पैठ बढ़ा रही है.
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