बारिश के मौसम में बालों की ढेरों समस्याएं नजर आने लग जाती हैं। इस सीजन में आपके साथ बालों की समस्या न हो, इसके लिए आपको बदले मौसम के साथ अपने हेयर केयर रूटीन में भी बदलाव करने होंगे। क्या और कैसे करें, इसके लिए खबर को विस्तार से पढ़े।
बरसते पानी के साथ ही बालों की ढेरों समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। रूसी बढ़ जाती है, स्कैल्प में चिपचिपाहट रहती हैं नतीजा बालों का गिरना भी बढ़ जाता है। जानकारों की मानें तो आमतौर पर नब्बे फीसद से ज्यादा लोगों को बाल झडऩे की समस्या रहती है। जिसमें मानसून की दस्तक के साथ तीस फीसद तक इजाफा हो जाता है। ऐसे में जरूरत होती है मौसम के हिसाब से अपने हेयर केयर रुटीन में बदलाव की।
बरसात के सीजन में क्यों झड़ते हैं बाल
हेयर एक्सपर्ट बीनू देहिनवाल बताती हैं कि मानसून में नमी ज्यादा होती है जिसके चलते सिबेसेस ग्लैंड ज्यादा तेल का उत्पादन करती है। जिसे हम सीबम कहते हैं। जिसके चलते स्कैल चिपचिपी बनी रहती है जो धूल और गंदगी का कारण बनती है। साथ ही इस मौसम में कोलेजन फाइबर भी सख्त होने लग जाता है। यह फाइबर हमारे बालों की जड़ों को पकड़ कर रखता है। मौसम के चलते उसमें आई सख्ती उसकी फॉलिकल की पकड़ को कमजोर कर देती है। नतीजा, बाल छूने भर से ही टूटने लग जाते हैं।

बालों की सेहत के लिए देसी नुस्खे रहेंगे कारगर
इस मौसम में बालों की कंडीशनिंग के लिए आप दही का प्रयोग कर सकती हैं। इसमें साइट्रिक एसिड होता है जोकि स्कैल्प को साफ रखने में मदद करेगा और माश्चराइज भी करेगा। बकौल बीनू अपने स्कैल्प हाइड्रेट रखने के लिए अलसी के बीजों का पैक भी बना सकती हैं। मानसून में बालों को दुरुस्त रखने के लिए आप आंवला, भिंग्रराज और शिकाकाय के पाउडर को नारियल तेल में मिलाकर मास्क भी बना सकती हैं। इसे स्कैल्प पर आधे से एक घंटे तक रखना होगा।
एलोवीरा जेल में हैं एंटीमाइक्रोबाइल खूबियां
आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकती तो एलोवीरा जेल को स्कैल्प पर लगाएं। इसमें एंटीमाइक्रोबाइल खूबियां होती हैं। इसे बाल धोने के दो घंटे पहले स्कैल्प पर प्रयोग कीजिए। आप इस जेल को तेल और शैम्पू में मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकती हैं। अतिरिक्त तेल को स्कैल्प से हटाने के लिए स्कैल्प पर पंद्रह मिनट नीबू का रस भी लगया जा सकता है।
हफ्ते में एक बार प्रयोग करें मेथी का पैक
अगर आपके बाल रूखे और बेजान हो रहे हैं तो केले और शहद का पैक आपके काम आएगा। इस पैक को 50 मिनट तक सिर पर रहने दें। आप मेथी का पैक भी बना सकती हैं। इसके लिए आपको 3 बड़े चम्मच भीगे हुए मेथी के दाने, मुल्तानी मिट्टी, छह पुदीने की पत्तियां और आधे नींबू की जरूरत होगी। इसे आप हफ्ते में एक बार प्रयोग कर सकती हैं।
बालों को सुखाने में बिल्कुल नहीं करें आलस
बारिश के मौसम में बाल का गीला हो जाना आम बात है। पर, इसे सुखाने में बिल्कुल भी आलस न कीजिए। बालों की नमी भी हेयरफॉल का कारण बन सकती है। बालों को सुखाने के लिए माइक्रोफाइबर वाले कपड़े का प्रयोग करें। गीले बालों को कंघा करने से बचें। बालों को सुखाने के लिए तौलिया का जूड़ा बालें के झडऩे का कारण बन सकता है। हेयर ड्रायर का प्रयोग भूल कर भी न करें।
बरसात में बालों को कैमिकल ट्रीटमेंट न दें
बालों के रंग के उपचार, पर्मिंग या कोई और रासायनिक उपचार बालों को तैलीय और चिकना बनाते हैं, जिससे बालों और स्कैल्प को नुकसान होता है। इससे उनके टूटने और झडऩे की सम्भावना बढ़ जाती है। आप इस मौसम में हेयर स्प्रे और जेल आदि का प्रयोग करने से भी बचें। बालों की स्टाइलिंग भी सोच-समझकर करें। मानसून के दौरान हेयर स्ट्रेटनर, हेयर कर्लर सरीखे उपकरण भी आपके बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
बालों की सेहत के लिए दालें और बींस खाएं
आहार सलाहकार डॉ. भारती दीक्षित बताती हैं कि बालों की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए आपको बायोटिन, आयरन, विटामिन-सी, विटामिन-डी, जिंक आदि न्यूट्रीयन्स की जरूरत होती है। जिसके लिए आपको अपनी खुराक में दालों और बींस को शामिल करना चाहिए। यह फॉलिक एसिड, प्रोटीन और जिंक की अच्छे स्त्रोत होती हैं। बीटा-कैरोटिन और विटामिन ए के लिए शकरकंद अच्छा होता है। मेथी दाना भी फायदेमंद होता है। इसे खाया और लगाया भी जा सकता है।
पानी का खूब करें सेवन
क्या आप जानती हैं कि बालों के लिए भी हाइड्रेट जरूरी होता है? बीनू बताती हैं की मानसून में बाल को झडऩा कम रखने के लिए आपको खुद को हाइड्रेट भी रखना होगा। कैफीन को कम कीजिए। यह आपकी स्कैल्प को डिहाड्रेट करने का काम करेगा।
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