
तेलंगाना के संगारेड्डी की एक फार्मा फैक्ट्री में ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या 40 पहुंच गई है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने फैक्ट्री का दौरा करके एक करोड़ रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। अभी दो दर्जन से अधिक घायलों को अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं फैक्टरी में मलबा हटाने का काम एनडीआरएफ ने पूरा कर लिया है।
तेलंगाना के संगारेड्डी में फार्मा फैक्ट्री के रिएक्टर में ब्लास्ट की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 40 हो गई हैं। मृतकों में बिहार के मजदूर भी शामिल हैं। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने एक टीम तेलंगाना के लिए रवाना की है तो वहीं दूसरी तरफ तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मृतकों को 1-1 करोड़ की राशि देने का ऐलान किया है। सिगाची इंडस्ट्रीज ने एक बयान में कहा है कि तेलंगाना स्थित उसके दवा संयंत्र में विस्फोट के बाद आग लगने की घटना में उसकी टीम के 40 सदस्यों की मौत हुई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सोमवार को हुई घटना में घायल लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है।

बिना एनओसी के चल रही थी फैक्ट्री
फार्मा फैक्ट्री में ब्लास्ट के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं तेलंगाना के सीएम मुख्यमंत्री ने रेवंत रेड्डी ने इस घटना पर पहले शोक व्यक्त किया था। इसके बाद वह खुद मौके पर पहुंचे थे। रेड्डी ने अधिकारियों से जानकारी एकत्र की। सीएम ने कहा था कि उन्होंने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तो वहीं दूसरी तरफ सिगाची इंडस्ट्रीज के दवा संयंत्र से मलबा हटाने का काम लगभग पूरा कर लिया है। इस बड़े हादसे के बाद सामने आया है कि इकाई के पास संचालन के लिए अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं था क्योंकि उन्होंने एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया था। इतना ही नहीं कंपनी के पास संयंत्र में आग लगने की चेतावनी देने वाले फायर अलार्म और हीट सेंसर सहित कोई पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं थे।

एनडीआरएफ की टीम ने हटाया फैक्ट्री का मलबा
पुलिस अधीक्षक परितोष पंकज के अनुसार एनडीआरएफ टीम ने मलबा हटा दिया है। कोई और शव नहीं मिला है। हम अब भी लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या फैक्टरी में कोई कमी पाई गई है। इस पर पंकज ने कहा कि यह एक तकनीकी मामला है और इसकी जांच विशेषज्ञों की टीम द्वारा की जानी है। संगारेड्डी पुलिस ने एक पीड़ित के परिवार के सदस्य की शिकायत के आधार पर विस्फोट के सिलसिले में फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) और 117 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
डीएनए मैचिंग से हो रही डेडबॉडी की पहचान
फार्मा फैक्ट्री के रिएक्टर में ब्लास्ट में मारे गए लोगों की पहचान के लिए डीएनए मैचिंग की प्रक्रिया की जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि डीएनए जांच और मिलान की प्रक्रिया जारी है। यह पूरी रात चलती रही। हमें जो भी नमूने मिले हैं, उनकी जांच आज तक पूरी हो जानी चाहिए। राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि केवल 14 शवों की पहचान की गई है, जबकि शेष के डीएनए मिलान की जरूरत है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पहले कहा था कि राज्य सरकार कंपनी के प्रबंधन से बात करेगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इस भीषण दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिले।
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