नेपाल में चल रहे हिंसक प्रदर्शन में पूर्व पीएम देउबा और उनकी पत्नी पर हमला, पूर्व पीएम खानल की पत्नी की मौत

Gen Z protest Nepal: नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुए जेन जेड के हिंसक प्रदर्शनों ने देश को अराजकता के कगार पर ला दिया है। ये प्रदर्शन अब व्यापक असंतोष और हिंसा में बदल गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवारों को भी नहीं बख्शा है, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए हैं।

नेपाल में प्रदर्शनकारियों ने पूर्व पीएम खनाल के घर में लगाई आग। सोशल मीडिया।

Gen Z protest Nepal: नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुए जेन जेड के हिंसक प्रदर्शनों ने देश को अराजकता के कगार पर ला दिया है। ये प्रदर्शन अब व्यापक असंतोष और हिंसा में बदल गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवारों को भी नहीं बख्शा है, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए हैं।

पूर्व पीएम देउबा और पत्नी पर हमला

Gen Z protest Nepal:नेपाली कांग्रेस पार्टी के नेता और पांच बार के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी व विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा पर एक हिंसक भीड़ ने हमला किया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि भीड़ ने दोनों को पीटा, जिससे वे लहूलुहान हो गए। एक वीडियो में देउबा को सुरक्षित स्थान पर ले जाते हुए देखा गया।

पूर्व पीएम खानल की पत्नी की मौत

पूर्व प्रधानमंत्री झाला नाथ खानल के घर में भीड़ ने आग लगा दी। इस दौरान उनकी पत्नी राज्यलक्ष्मी चित्रकार घर के अंदर फंस गईं। चश्मदीदों के अनुसार, वह गंभीर रूप से जल गईं और बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया।

सरकारी और नेताओं के घरों में आगजनी

प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के निजी घर सहित कई सरकारी इमारतों और राजनेताओं के घरों में आग लगा दी। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल, पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल और अन्य मंत्रियों के घरों को भी निशाना बनाया गया। सोमवार को राजधानी काठमांडू में हुए प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई। इन मौतों ने प्रदर्शनकारियों के गुस्से को और भड़का दिया।

प्रधानमंत्री केपी ओली ने दिया इस्तीफा

बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, राष्ट्रपति पौडेल ने उन्हें नई सरकार बनने तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने के लिए कहा है। नेपाल सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष नेतृत्व ने एक संयुक्त अपील जारी कर सभी से संयम बरतने और बातचीत के जरिए इस संकट को हल करने का आग्रह किया है।

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यह था विरोध के मूल कारण

शुरुआत में यह विरोध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, जैसे फेसबुक, एक्स और यूट्यूब पर प्रतिबंध के खिलाफ था, जिन्हें सरकार ने पंजीकरण न होने का हवाला देकर बंद कर दिया था। हालांकि, प्रदर्शन अब व्यापक असंतोष को दर्शाता है। युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी (लगभग 20%) और राजनीतिक नेताओं के बच्चों, जिन्हें ‘नेपो किड्स’ कहा जाता है, के विलासितापूर्ण जीवन को लेकर भी गुस्सा है। सरकार का अनुमान है कि हर दिन 2,000 से अधिक युवा काम की तलाश में देश छोड़कर जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रतिबंध हटा दिए जाने के बावजूद, मौतों और भ्रष्टाचार को लेकर गुस्सा कम नहीं हुआ है, और प्रदर्शन जारी हैं।

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