बागपत की नवविवाहिता ने पूरे शरीर पर लिखा सुसाइड नोट और दे दी जान, ससुरालवाले कर रहे थे थार की मांग

यूपी के बागपत में दहेज उत्पीड़न से परेशान नवविवाहिता ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। मामले में सबसे अनोखी बात यह है कि नवविवाहिता ने जान देने से पहले पूरे शरीर पर सुसाइड नोट लिखा। महिला के परिजनों का आरोप है कि ससुराल वाले थार गाड़ी की मांग कर रहे थे।

यूपी के बागपत में दहेज उत्पीड़न से परेशान विवाहिता ने जान देने से पहले शरीर पर लिखा सुसाइड नोट। सोशल मीडिया।

यूपी के बागपत में दहेज उत्पीड़न से परेशान नवविवाहिता ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। मामले में सबसे अनोखी बात यह है कि नवविवाहिता ने जान देने से पहले पूरे शरीर पर सुसाइड नोट लिखा। महिला के परिजनों का आरोप है कि ससुराल वाले थार गाड़ी की मांग कर रहे थे।

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में दहेज दानवों की क्रूरता ने एक नवविवाहिता की जान ले ली। छपरौली क्षेत्र के रठौंडा गांव में मंगलवार रात दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर मनीषा (23) ने आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है] क्योंकि मनीषा ने अपनी मौत से पहले अपने शरीर पर ही ‘सुसाइड नोट’ लिखकर उन भयानक अत्याचारों का दर्द बयां किया, जिनसे वह जूझ रही थी।

मेरी मौत का जिम्मेदार कुंदन और उसका परिवार

शरीर पर लिखे संदेश में उसने साफ-साफ लिखा है कि मेरी मौत का जिम्मेदार मेरा पति कुंदन और उसका परिवार है। यह लोग आए दिन मुझे शादी में कम दहेज लाने का ताना देते थे। इस बात को लेकर कई बार मेरे साथ मारपीट की गई। पति ने एक बार पूरी रात कमरे में बंद रखा। ससुराल वालों ने मुझे कई-कई दिन भूखा रखा।

शादी के बाद शुरू हुआ दहेज का खेल

मनीषा की शादी वर्ष 2023 में गाजियाबाद जिले के सिद्धिपुर गांव निवासी कुंदन पुत्र किशन के साथ हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी। मनीषा के पिता, तेजबीर (जो गाजियाबाद में एमसीडी में कार्यरत हैं), का आरोप है कि शादी के कुछ ही महीने बाद उनकी बेटी की जिंदगी नर्क बन गई। ससुराल वालों ने दहेज के लिए उस पर लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया।

मारपीट से लेकर जबरन गर्भपात तक के आरोप

पिता ने आरोप लगाया है कि मनीषा का पति कुंदन और उसके ससुराल वाले उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे और उसके साथ मारपीट करते थे। सबसे दर्दनाक आरोप यह है कि गर्भवती होने पर मनीषा का जबरन गर्भपात करा दिया गया था। मनीषा ने अपने सुसाइड नोट में भी इस बात का जिक्र किया है।

बढ़ती गई मांग, समझौते की हर कोशिश हुई नाकाम

जुलाई 2024 में तेजबीर अपनी बेटी को ससुराल से वापस अपने घर रठौंडा ले आए थे, ताकि उसे इस उत्पीड़न से मुक्ति मिल सके। लेकिन, ससुराल वालों की क्रूरता यहीं नहीं रुकी। वे फोन पर लगातार मनीषा के परिवार से थार गाड़ी और बड़ी रकम (नकद पैसों) की मांग करते रहे। जब तेजबीर ने इस लगातार प्रताड़ना से तंग आकर संबंध खत्म करने की बात कही, तो चार दिन पहले करीब 20-25 लोग उनके घर पहुंचे।

वहां एक समझौता करने की कोशिश की गई, जिसमें यह तय हुआ कि मनीषा की शादी का सारा सामान और उस पर हुआ खर्च वापस कर दिया जाएगा। लेकिन, जब कागजी प्रक्रिया की बात आई, तो मनीषा, जो इन अत्याचारों से टूट चुकी थी, ने कहा कि जब तक दहेज और खर्च की भरपाई नहीं हो जाएगी, तब तक वह किसी कागज पर दस्तखत नहीं करेगी।

गेहूं में रखी जाने वाली जहरीली दवा खाकर दी जान

इस तनावपूर्ण स्थिति के बाद से मनीषा और भी गहरे सदमे में रहने लगी। मंगलवार रात, जब परिवार के सभी सदस्य सो चुके थे, तो मनीषा ने घर में रखी गेहूं में रखने वाली जहरीली दवा खाकर खुदकुशी कर ली। अगली सुबह, जब उसकी मां सुनीता उसे जगाने पहुंचीं, तो मनीषा मृत अवस्था में मिली। बेटी की मौत की खबर सुनते ही पिता तेजबीर गाजियाबाद से गांव पहुंचे और पुलिस को सूचित किया।

पुलिस को तहरीर का इंतजार

छपरौली थाना प्रभारी निरीक्षक देवेश शर्मा ने बताया कि फिलहाल मनीषा के परिजनों द्वारा थाने पर कोई लिखित शिकायत (तहरीर) नहीं दी गई है। उन्होंने पुष्टि की कि मृतक महिला का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई थी। थाना प्रभारी ने कहा है कि “युवती के परिजन की तरफ से तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।”

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