
Bareilly violence: बरेली में हिंसा होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान आया है। उन्होंने कहा कि बरेली में एक मौलाना भूल गया था कि शासन किसका है। वह धमकी देकर जाम लगाने की बात करता था, लेकिन हमने कहा कि न जाम होगा, न कर्फ्यू लगेगा। हम ऐसा सबक सिखाएंगे कि तुम्हारी आने वाली पीढ़ियां भी दंगा करना भूल जाएंगी।”
Bareilly violence: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने 2017 के बाद दंगाइयों को चुन-चुनकर सजा दी और ऐसी भाषा में जवाब दिया जो वे समझते थे। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि चाचा-भतीजा वसूली के धंधे में लिप्त थे। योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को विकसित उत्तर प्रदेश विजन 2047 कार्यक्रम में भाग लिया और प्रदेश की प्रगति की कहानी बताई।
चाचा-भतीजा और माफिया राज पर करारा प्रहार
योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘चाचा-भतीजा’ वसूली के धंधे में लिप्त थे और हर जिले में एक माफिया को समानांतर सत्ता चलाने की छूट दी गई थी। उन्होंने कटाक्ष किया कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग माफियाओं के सामने नतमस्तक थे। सत्ता के मुखिया माफिया के कुत्ते से हाथ मिलाकर गौरवान्वित महसूस करते थे।
भ्रष्ट लोगों के लिए हमने बुलडोजर बनाया है: योगी
योगी ने कहा कि ऐसी भ्रष्ट व्यवस्था में न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही किसान। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब सत्ता बेइमान और भ्रष्ट लोगों के हाथ में आती है, तो वह समाज को जाति और परिवार के नाम पर गुमराह करती है। ऐसे लोगों के लिए हमने बुलडोजर बनाया है।” उनकी सरकार ने माफिया राज को जड़ से उखाड़कर प्रदेश को विकास की राह पर ला खड़ा किया।
बीमारू राज्य में हमने किया विकास
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमारू था नहीं, इसे परिवारवाद, जातिवाद और बीमारू मानसिकता वालों ने बीमारू बना दिया गया था। परिणाम क्या था, दंगे होते थे, दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित किया जाता था। दंगाइयों की आवभगत होती थी और पेशेवर अपराधी और माफियाओं के सामने सत्ता सैल्यूट करती थी।

‘विकसित उत्तर प्रदेश विजन @ 2047’ कार्यक्रम का आयोजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को राजधानी में एक प्रतिष्ठित मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘विकसित उत्तर प्रदेश विजन @ 2047’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए ‘8 ईयर्स ऑफ यूपी गवर्नमेंट’ पुस्तक का विमोचन किया और प्रदेश की प्रगति की कहानी को दमदारी से प्रस्तुत किया। उन्होंने पिछले साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की चर्चा करते हुए परिवारवाद, जातिवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को उजागर किया।
यूपी अब 70 हजार करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस वाला स्टेट
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की ग्रोथ स्टोरी उन लोगों के लिए अविश्वसनीय है, जो पौरुष की कमी और अपने पुरुषार्थ को करने से डरते थे। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अवसर तो मिला, लेकिन उन्होंने इसे परिवारवाद, लूट-खसोट और अराजकता का जरिया बना लिया। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमने ईश्वर और अपने पुरुषार्थ पर विश्वास के साथ उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से बाहर निकाला। आज यह ग्रोथ स्टोरी उस कहानी को आपके सामने लाएगी।
जातिवाद की राजनीति ने विकास को किया था बाधित
सीएजी की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश 2023 में 37 हजार करोड़ रुपये के राजस्व अधिशेष (रेवेन्यू सरप्लस) वाला राज्य था और वर्तमान में यह बढ़कर 70 हजार करोड़ रुपये हो गया है। इतनी बड़ी आबादी वाला राज्य बिना किसी रुकावट के अपने सभी विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति ने यूपी के विकास को बाधित किया था। दंगों की आग में व्यापार को बर्बाद किया गया और भ्रष्ट व्यवस्था ने नौकरशाही को अपंग बना दिया था।
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भारत दुनिया का सबसे सौभाग्यशाली देश
मुख्यमंत्री ने भारत की भौगोलिक और कृषि योग्यता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे सौभाग्यशाली देश है, जहां कुल भौगोलिक क्षेत्र का 60 फीसदी हिस्सा कृषि और मानव सभ्यता के लिए उपयुक्त है। उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि रूस, चीन, अमेरिका जैसे बड़े देशों में केवल 20 फीसदी भूमि ही खेती और बसावट के लिए उपयुक्त है।
कृषि योग्य भूमि के मामले में हम अमेरिका के बराबर
योगी ने कहा कि अमेरिका भौगोलिक रूप से भारत से बड़ा है, लेकिन कृषि योग्य भूमि के मामले में हम बराबर हैं। भारत की उर्वर भूमि और प्राचीन सभ्यता ने इसे विश्व में अग्रणी बनाया था। उन्होंने ऐतिहासिक दृष्टिकोण से बताया कि चंद्रगुप्त मौर्य के समय भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की 40 फीसदी थी, जो 11वीं सदी तक 30 फीसदी और 17वीं सदी तक 25 फीसदी रह गई।
32 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति लूट ले गए अंग्रेज
ब्रिटिश शासन ने भारत के लघु और कुटीर उद्योगों को नष्ट कर दिया और 32 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति लूटकर ले गए। योगी ने कहा कि विदेशी दासता ने हमें लूटा, लेकिन आज हम फिर से उभर रहे हैं। 1947 में भारत की अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी केवल 2 फीसदी थी, जो 2014 तक 11वीं और अब चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी है। इस वित्तीय वर्ष में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
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